Whatsappstatus.life provides all types of WhatsApp Status, Shayari, Kavita, Lyrics, Poem, Quotes, Wishes, love status, 2 line status, punjabi sad status, shayari and jokes, love quotes in punjabi, fb status, realistic quotes on life in hindi, life quotes in hindi, life status, life quotes in hindi, english qoutes, diwali hindi wishes, emotional life quotes, girlish attitude quotes, quotes in hindi funny, funny quotes in hindi, savage karma quotes, cute girl pic, love status, 2 line status,punjabi status, punjabi sad status, sad status for punjabi,fadu status, shayari and jokes, love quotes in punjabi, fb status, attitude king quotes,attitude powerful lion quotes,lion motivational quotes, realistic quotes on life in hindi,life quotes in hindi, life status,love thoughts in marathi, happy anniversary in hindi,life quotes in hindi, good morning beautiful quotes,english qoutes,diwali hindi wishes, emotional life quotes,girlish attitude quotes,girls attitude status, quotes for girls attitude, attitude quotes for girls,quotes in hindi funny,hindi quotes funny,funny quotes in hindi,savage karma quotes,
डिप्रेशन में लगा कि खुदकुशी कर लूं , मगर डर था की माँ रोयेगी बहुत 😥
गरीबी कितनी भी हावी हो किसी पर, अगर बाप जिंदा हो तो, एक कंकड़ भी नही चुभता....
घर की जिम्मेदारियों का सवाल है जनाब, अब बीमार रहूँ, फिर भी पढ़ने बैठ जाता हूँ...!!
इसी बात से खुद को तस्सली दे देता हूँ मुर्शिद, कि अगर मेरा प्यार सच्चा होता तो वो मेरी जरूर होती....
ठीक से मुझे भी याद नहीं शायद वो एक शाम ही थी जब जुदा हुआ था कोई
देर रात अंधेरे में आँखों से आँसू निकलते हैं और रोते रोते कब नींद आ जाती है, पता भी नही चलता जब सुबह आँखे खुलती है तो पलके चिपकी रहतीं हैं, और आँखे थकान से भारी हो चुकी होती है । तब आँखों को मलते हुए उसकी तस्वीर देखता हूँ, और एक हल्की मुस्कान के साथ उसे आई मिस यु बोल खुश हो लेता हूँ।
हर एक नयी सुबह हम पुनः पैदा होते हैं, हम आज क्या क्या करते हैं केवल यही मायने रखता है।
निकलता हूं जब घर से सदा साथ रहती है मां तो नहीं रहती मगर मां की दुआ साथ रहती है
एक मोड़ तक आना और बिछड़ जाना यही किस्मत तुम्हारी भी थी और मेरी भी..
तेरे जैसा मेरा भी हाल था, न सुकून था न क़रार था यही उम्र थी मेरे हम-नशीं, किसी से मुझको भी प्यार था
स्कूल की मोह्हबत वृद्धावस्था तक जवां ही रहती है ।
कभी कभी जज़्बात अल्फाजों में बयाँ नहीं हो पाते....चुपचाप रो लेना ही समझदारी होता है...!!!
एक वायरस मेरा कीमती खज़ाना ले गया, दोस्तों के साथ बैठे हुए जमाना हो गया... !!
गुजर रही है जिंदगी अब ऐसे मुकाम से, अपने भी दूर हो गए जरा से जुखाम से । पास रहकर भी हम, कितने दूर हो गए, इस महामारी से हम सब मजबूर हो गए । सोचा न स्वपन मे, ऐसा समय भी आयेगा, अपने पास वाला भी हमसे दूर हो जाएगा । तरस रहे मिलने के लिए एक दूजे से हम, पास में वे मेरे खड़े हैं, गले लगा सके न हम । कैसा समय है हवा भी घातक हो गई, दूरियां भी एक दूजे से ये दवा हो गई ।
सर, एक ही तो दिल है, कितनी बार जीतोगे । 😘
तुम खास हो ! और "हम एक दूसरे के लिए ही बने हैं" यही एकलौता सत्य है। इस बात का बेहद ख्याल रखना तुम ....!!
हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए, तुम मेरी जान किस गुमान में हो.... ~ जॉन एलिया
जो जिंदगी बची है उसे मत गँवाईये, बेहतर ये है कि आप मुझे भूल जाइए..!! - जॉन एलिया
वास्तविक जीवन मे कोई किसी का इंतेज़ार नही करता, सब अपनी विकल्पों एवमं रास्तों को अपने सुविधनुसार चुन आगे बढ़ जाते हैं। और जो इंतेज़ार करता है वो आजीवन इंतेज़ार ही करता है। उसके हिस्से दुःख, दर्द, पछतावा एवमं तंगी के सिवा कुछ नही आता।।
एक ही तो हवस रही है हमें अपनी हालत तबाह की जाए..... ~ जॉन एलिया
मुझे सबसे अधिक अपने खालीपन से डर लगता है, और सबसे बड़ी बात यह है कि उसके अलावा उस खालीपन को कोई नही भर सकता। लेकिन सुना है कि वक्त हर घाव को भर देता है?
वो हाल भी ना पूछ सके, हमें बेहाल देखकर, हम हाल भी ना बता सके, उसे खुशहाल देख कर...!!
हाथ जोड़े पाँव पकड़े कसमे भी दी, नही यारर उसका इरादा ही नही था साथ देने का,
सबसे अधिक प्रेम हमे खुद के शरीर से करनी चाहिए, अगर ये साथ छोड़ दे तो दुनिया केवल नाम मात्र का ही साथ देती है ।
मैं एक स्वार्थी, छली, द्वेषी, आलसी, कुकर्मी, शकी, विक्षिप्त एवम शांत स्वभाव का एक गम्भीर व्यक्ति हूँ, जिसे खुद के सिवाय किसी की परवाह नहीं । कोई जिये या मरे मुझे तनिक भी फ़र्क नही पड़ता । मैं इन सांसारिक मोह से दूर होना चाहता हूँ। मैं खुद की खोज में कहीं दूर निकल जाना चाहता हूं।
जिस रात पुस्तकों का अध्ययन किए बिना ही सो जाता हूँ, वो रात अधिक लम्बी एवमं भयावह होती है...!!!
मुझे पता था तू मेरी कभी नही हो सकती, फिर भी मैंने तुझसे मोह्हबत की खुद को बर्बाद देखने के लिए ...!!
दुनिया की बेहतरीन_धुन_तब सुनाई देती है जब काँच की चूडिय़ां पहन कर माँ_रोटियां बनाती है..,. ❤️❣️
तुम्हारे मुस्कुराने का असर मेरी सेहत पे होता है, और देखो, लोग पूछ लेते है,दवा का नाम क्या है!
प्रेम सिर्फ स्त्री पुरुष के बीच घटित होने वाली घटना नहीं है । स्त्री एवं पुरुष के बीच घटित होने वाले प्रेम को तो आधुनिकता ने बाजार बना दिया । प्रेम की हकीकत तो यह है कि.. प्रेम कभी व्यक्ति से नहीं होता, वायक्तित्व से होता है । प्रेम कभी शरीर से नहीं होता, वो तो आत्माओं का विषय है, और आत्मा की तरह ही, प्रेम कभी कभी नहीं मरता । जो मरता है, नि:संदेह वो प्रेम नहीं, प्रेम का भ्रम है ।
मेरी यादो मे तुम हो, या मुझ मे ही तुम हो… मेरे खयालो मे तुम हो, या मेरा खयाल ही तुम हो… दिल मेरा धडक के पूछे, बार बार एक ही बात… मेरी जान मे तुम हो, या मेरी जान ही तुम हो…तेरे सीने से लग कर तेरी आरज़ू बन जाऊँ, तेरी सांसों से मिलकर तेरी खुशबू बन जाऊँ, फासले न रहें कोई हम दोनों के दरम्यान, मैं, मैं न रहूँ… बस तू ही तू बन जाऊँ। पता है तुम्हारी और हमारी मुस्कान में फ़र्क क्या है? तुम खुश हो कर मुस्कुराते हो,हम तुम्हे खुश देख के मुस्कुराते हैं...! एक पल की ये बात नहीं, दो पल का ये साथ नहीं, कहने को तो जिन्दगी जन्नत से प्यारी है, पर वो साथ ही क्या जिसमे तेरा हाथ नहीं । कुछ लोग खोने को प्यार कहते हैं.. तो कुछ पाने को प्यार कहते हैं, पर हकीक़त तो ये है, हम तो बस निभाने को प्यार कहते हैं ।
मुझसे सीखने वाले मुझे ही सिखाते हैं, इसी तरह वे अपनी औकात दिखा जाते हैं।
रात को गांव में जब रौशनी नहीं होती थी , मैं जुगनू पकड़ कर तेरी तस्वीर देखता था
एक़ लड़की है ,जिससे कहनी है दिल की बात, अग़र बता दूं उसको, तो खोने से डर लगता हैं.!
चली जाओगी जब, मुझे छोड़ कर तुम, तुम्हें याद क्या........ मेरी आया करेगी.!
मुसीबत में अपनों को अब शामिल नही करता, डर लगता है, कहीं वे दूर न चले जाएं ।
जलेबी को स्त्रीलिंग होने के दो कारण हैं ... पहली वह मीठी है .. दूसरी वह कभी सीधी नहीं हो सकती
ना मेरे सामने उसकी बात होगी ना मैं उसकी बात करूंगा उसे गिरगिट पसंद थे , मैं भी बदलकर मुलाकात करूंगा
आजकल वो neuro physician लड़कियां दिखाई नहीं दे रही है जो कहती थी कि एक थप्पड़ में तुम्हारा दिमाग ठीक कर दूंगी
वो मिली भी तो ग़ालिब वैक्सीनेशन सेंटर पर, उससे गले मिलते या दो गज की दूरी रखते...!!
कल यूँ हुआ वैक्सीनेशन सेंटर पर गालिब, सुई लगने से पहले उसने मुझे गले लगा लिया...!!
इश्क़, आशिक़ी और आवारगी करना ठीक है.. पर जनाब इनसब में माँ-बाप को भूल जाना कहाँ तक ठीक है...!?!!
अधूरी कहानी पर खामोश लबो का पेहरा है। चोट रूह की है इसलिए दर्द गहरा है।।
दिल में आने का रास्ता तो होता है लेकिन जाने का नहीं इसीलिए इंसान जब दिल से निकलता है तो वो दिल को तोड़ के निकलता है
बचपन कितना खूबसूरत था ... निर्मला आंटी खुद कहती थी कि बेटा राजन ! मेरी बेटी ममता के साथ खेल ले और अब देखने भी नही देतीं
इश्क में जिस ने भी बुरा हाल बना रखा है ..! वही कहता है अजी... इश्क में क्या रखा है ...!!! 💕
तेरे खतों को बनाकर अपना वजूद तुझ पर हाथ रखा ....और मैं चल पड़ा
लाड़ तो हर मां करती है ... बस ग़ुरबत में अंदाज़ बदल जाता है ।💞❤️
वो मेरे बाद तरस जाएगी मोहब्बत को, उसे ये कहना अगर हो सके तो मर जाए.!
उसने मेरी हथेली पे अपनी नाज़ुक सी ऊँगली से लिखा मुझे प्यार है तुमसे, न जाने कैसी स्याही थी की वो.. लफ्ज़ मिटे भी नहीं और आज तक दिखे भी नहीं..!!
हम लड़के हैं .. हम अपने से पहले अपनों की सोचते हैं
खूबसूरती कभी भी रंग की मोहताज नहीं होती , गुलाब हर रंग में अपनी खुशबू बरकरार रखता है ,
सुनो अगर उसकी आँखों पर ध्यान दोगे तो, जो बातें करनी है उससे, सब अधूरी रह जाएंगी!
इतनी हैरत से देखते क्या हो, झूठ बोला है क्या, कभी हमने.!
तुम किसी और की हो जाओ , ना जाने मुझे कितना वक़्त लगे नौकरी मिलने में
नैनों की ही तो सब लीला हैं, पढ़ पाये तो इश्क़ ना पढ़ पाये तो आँसू हैं...!
तेरे पल-पल की खबर रहती है मुझे... एक परिंदे से ऐसी दोस्ती है मेरी..!!
धड़कने शोर कर रहीं हैं, लगता है तुम आ गई हो छत पर.!
तुम सावन की बात करती हो, मैं तुम्हे पतझड़ में भी याद नहीं करता..
तमाम शहर ही उसकी अदा से है वाक़िफ़, वो जब हँसेगी तबाही ज़रूर आएगी...!
कुछ ठंडी सी असर करती है ❤️ गर्मी में ये चाय कुछ अपनो की फिकर करती है😊घर में ये चाय कुछ खास दोस्ती याद करवाती है😎होस्टल में ये चाय कुछ मन की खुशी बढ़ाती है ☺️गम में ये चाय कुछ प्यार और बढ़ाती है उसके साथ में ये चाय❤️
ये बारिश का मौसम और तुम्हारी याद, चलो फिर मिलते है एक कप चाय के साथ।
पहलू में गर नहीं है तो क्या हुआ, कुछ लोग दुआओं में उम्र भर रहते हैं l
मत बरसों मिट्टी पर इतनी जोरसे ऐ बारिश , कल ही दफ़्न हुए है हम जल्दबाज़ी में यहां.....
जिस एहसास को शब्द ना मिले..!! उससे खूबसूरत कोई एहसास नहीं....!!!!
कोई उनको जाके कह दो अब तो आकर मिले..!! मेरी रिपोर्ट नेगेटिव आई है पर प्यार पोजिटीव है…
यादें क्यों नही बिछड़ जाती लोग तो पल में बिछड़ जाते हैं !!
रास्तों में बेशक कितनी भी दूरी रही थी तू हर पल मेरे लिए जरूरी रही थी , आजतक एक सवाल जेहन में घर गया है मेरे खुद छोड़ा था तूने या कोई मजबूरी रही थी
जरूरतों मुझे छुट्टी दो कहां ये लम्हा रोज-रोज आने को है, #बहन बहुत दिनों से बुला रही है भाई-दूज आने को है...!
हमने भी एक ऐसे शख्स को चाहा जिसको भुला न सके और वो किस्मत मैं भी नहीं 😥😥
बड़े वाहियात हो गए है... आजकल इशारे भी, कहां है वो लड़कियां... जो उंगलियों से लटो कान पे ले जाती थ??
कैसे सो जाऊँ? जो सपने मैंने खुले आँखों से देखे हैं उसे कभी बन्द आँख पुरी नही कर सकते । इसके लिए मुझे नींद की आखिरी सीमा तक जाग कर लड़ना होगा ।
जिंदगी में थोड़ी सी बदलाव लाया हूँ, अब प्रेम से ज्यादा पढ़ाई को तवज्जो देता हूँ ।
एक बार दिल क्या टूटा, सभी मतलबी लगने लगें....
एक सकारात्मक विचार लिखिए.....
आज से ज्यादा खूबसूरत होने की कल से उम्मीद नहीं।
*__एक लड़का सिर्फ ........!! अपनी पसंद की लड़की का गुस्सा सेहन कर सकता है.......!!__*
तब्बसुम झलकता है तेरे रुखसार से...! खामोशी हमको गंवारा नही कभी मुस्कुरा भी दिया करो प्यार से....!!
मेरी सबसे बड़ी कमजोरी यह है कि मैं किसी भी व्यक्ति से तनिक भी बातें कर लूं तो मैं बिना जाने समझे उससे भावुकतापूर्वक एक जुड़ाव महसूस करने लगता हूँ। मुझे नही मालूम यह सही है या गलत परन्तु यह भावना अवश्य दुःखदायी है।
जब दो अनजान लोग बातें करते हैं और इस दरम्यां उनकी बातें, उनकी कहानियाँ, दर्द, पीड़ाएँ, उनके एहसास, जद्दोजहद, अकेलापन, अंधकार, बेबसी इत्यादि एक समान होती है तो वो लम्हा खास हो जाता है। हमारी परेशानी कम तो नही हो जाती परन्तु बातें साझा करके हम कुछ प्रतिशत अच्छा महसूस करते है ।
जिस रात मेरी तुमसे बातें नहीं होती, मेरी सुबह बिल्कुल अंधेरी रात जैसी होती है। 😑
स्त्रियों को लेकर मेरी धारणा यही है कि मेरी कोई धारणा नहीं है। मैं स्त्रियों से ज़्यादातर दूर रहना चाहता हूं इसलिए नहीं कि वे बुरी हैं या पसन्द नहीं। वास्तव में बातों बातों में मुझें इश्क़ बड़ी जल्दी हो जाता है... और यह बताने पर की मुझे आपसे प्यार है, तो वे यकीन नही करती....
किताबें उतनी पसन्द नही है मुझे, पर उतनी भी नही की माँ के सपनों को नजरअंदाज कर दिया जाए....
लोग बेहतर की खोज में, बेहतरीन को खो देते हैं। इसका पछतावा एक न एक दिन अवश्य होता है.....
इश्क़ ख़त्म नही होता, दब जाता है; दिल के किसी बदसूरत जगह पर, जहाँ अकेलापन होता है, बेचैनी होती है, गुमनामी होती है, जहाँ रातों को उसकी यादें रोज़ दस्तक देती है, जिंदगी के बोझ तले वहीं गुज़ार देता है पूरी उम्र, बिना किसी को एहसास दिलाए और यूँ ही मौत के साथ अमर हो जाता है।
जब कोई नही होगा तुम्हारा, तब मैं होऊंगा....इस पंक्ति को हमेशा याद रखना तुम लड़की.......
क्यूँ रोती हो, बिलखती हो किसी के सामने तुम लड़की; ... समझने वाले तो खामोशी भी समझ लेते हैं...
तुम्हारे होते हुए मुर्शिद, किसी और कि तारीफ करनी पड़े.... लानत है मुझपर.....
मत कर इतना नजरअंदाज मेरी जान, मेरी तलब उनसे पूछ जिनका मैं हुआ नहीं...!!
तुझे मेरी यादें...क्यूं नही आती....
उसे मेरी कहानियों में कोई रुचि नहीं, मैं उसके दुःखों का अंबार लिए फिरता हूँ....!!
पिता जी के लिए क्या लिखूँ, उन्होंने ही तो मुझे लिखना सिखाया है....!!!
कुछ तो है हमारे तुम्हारे दरम्यां, वरना यूँ ही पूरी रात बातें कौन करता है...😢
एक रोज हम जुदा हो जाएंगे, ना जाने कहाँ खो जाएंगे. । तुम लाख पुकारोगे हम को…… पर लौट कर हम ना आयेंगे । थक हार के दिन के कामों से, जब रात को सोने आओगे । देखोगे जब फोन को अपने, पैगाम मेरा ना पाओगे । तब याद तुम्हें हम आयेंगे, पर लौट कर हम ना आयेंगे । एक रोज ये रिश्ता टूटेगा,
सब कुछ सीखा गया वो, सिवाय भूल जाने के हुनर के.....
क्यूँ नही कह देती मैं अच्छा नहीं लगता तुम्हे, यूँ रोज-रोज तड़पाना अच्छा लगता है क्या.....
मैं उससे बेपनाह मोहब्बत करता हूँ... और वो किसी और से करती है...हमारे बीच अक्सर बातें होती है; उसकी अधूरी मोह्हबत को लेकर... और मैं अपनी मोह्हबत को दिल मे दबाए उसकी दी हुई हर सितम को बड़ी मौन रहकर सहता हूँ....क्यूँकि मुझे पसन्द है उसकी खुशियां ....
